Monday, 22 May 2017
प्यारा सा खत-
एक नवविवाहित लड़की का अपनी माँ के लिये एक
प्यारा सा खत-
प्रिय माँ, हर लड़की की तरह मैं भी बचपन से ही अपने
विवाह को लेकर बड़ी ही उत्साहित रहती थी। अपने
सपनों के राजकुमार के साथ खुशहाल ज़िंदगी बिताने के
अलावा मैं कुछ सोच भी नहीं पाती थी। लेकिन, आज जब
मेरी शादी हो गयी है, मुझे महसूस होता है
कि शादी का मतलब केवल फूलों सी सुंदरता नहीं, अपने
जीवन साथी के साथ बिताए सुन्दर पल ही नहीं!
शादी के और भी मायने हैं। इसमें अनेक जिम्मेदारियाँ,
दायित्व, त्याग, बलिदान और समझौते भी करने होते
हैं। ऐसा नहीं कि मैं जब चाहूँ, तब सोकर जागूँ। मुझसे
उम्मीद रहती है कि मैं परिवार के दूसरे सदस्यों से
पहले उठकर तैयार हो जाऊँ। मैं सारा दिन पैजामे
पहनकर यहाँ-वहाँ नहीं अलसा सकती। मुझे हर समय
तैयार रहना होता है। मैं जब चाहूँ तब बाहर
नहीं जा सकती। मुझे परिवार की ज़रूरतों की ओर
संवेदनशील रहना चाहिए। मैं जब चाहूँ बिस्तर पर
पड़ी नहीं रह सकती। मुझे हर समय सजग और परिवार के
साथ रहना होता है। मैं उम्मीद नहीं कर सकती कि मेरे
साथ किसी राजकुमारी की तरह का व्यवहार हो,
बल्कि मुझे खुद परिवार के दूसरे सदस्यों का ध्यान
रखना होता है। और फिर मैं खुद से पूछती हूँ, “आखिर मैंने
शादी ही क्यों की?” आपके साथ मैं खुश थी, माँ! कभी-
कभी मैं सोचती हूँ कि आपके पास वापस आ जाऊँ और फिर
वही लाड़ और दुलार पाऊँ। मैं फिर से उन्हीं दिनों में
वापस आना चाहती हूँ जब दोस्तों के साथ घूमकर लौटने
पर आपके हाथ के स्वादिष्ट पकवान के मज़े उठाने
को मिलते थे। मैं आपकी गोद में सिर रखकर
जहाँ की सारी चिंताओं को भूल जाना चाहती हूँ।
लेकिन फिर अचानक मुझे महसूस हुआ, अगर आपने
भी शादी न की होती, अगर आपने ज़िंदगी के साथ ये
सारे समझौते न किये होते, तो मेरी ज़िंदगी में ये
खूबसूरत यादें भी तो न होतीं। और अचानक ही, इन
सबका उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है- जो आराम,
शांति और खुशियाँ मुझे आपसे मिलीं, वही सब अपने नए
परिवार को लौटाना है। और मुझे विश्वास है कि समय
के साथ मैं भी इस जीवन को वैसे ही प्यार करने लगूंगी,
जैसे आप करती हैं। आपने जो भी बलिदान दिए, समझौते
किये, उन सबके लिये आपको दिल से धन्यवाद, माँ! उनसे
मुझे भी ऐसा ही करने की शक्ति मिलती है। बहुत-बहुत
प्यार!
--सभी बेटियों के लिए एक खूबसूरत लेख। सभी महिलाओं
के सम्मान में... अपने आसपास सभी महिलाओं और
लड़कियों सा सम्मान करें, क्योंकि वे
ही हमारी दुनिया को खूबसूरत बनाती हैं। और हाँ,
शेयर करना न भूलें...
khatarnaak joke 😝😝
khatarnaak joke 😝😝
.
एक महिला घरपरअकेली थी,
तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.!
.
उसने जैसे ही दरवाजा खोला
तो एक अनजान आदमी खड़ा था.!
.
देखते ही बोला:
.
अरे आप तो बहुत ही खूबसूरत हैं..!
.
महिला घबरा कर दरवाजा बंद कर देती है.!
.
अगले तीन चार दिन तक ऐसा ही चलता रहता है,
.
तो सभ्य महिला ने तँग आकर यह बात अपने
पति को बताई..!
.
पति बोला: तुम चिंता मत करो,
.
आज जब वो आएगा तो
मैं घर पर ही रहुंगा ,
.
और दरवाजे के पीछे खड़ा
रहूँगा.!
.
तुम उससे बोल देना,
.
"हाँ मैं सुन्दर हूँ, तुम्हे क्या.?
.
"फिर मैं उसको देखना कैसा मज़ा चखाता हूँ.!"
.
.
दूसरे दिन जैसे ही वो आदमी आता है,
.
पति दरवाजे के पीछे छिप जाता है !
.
आदमी बोलता है:
अरे आप तो बेहद खूबसूरत हैं.!
.
महिला: हाँ मैं खूबसूरत हूँ,
.
लेकिन तुम चार दिन से क्या चाह रहे हो.?
.
आदमी विनम्रता के साथ
हाथ जोड़ कर बोला:
.
"बहन जी, यही विश्वास और अहसास आप अपने पति के अंदर जागृत कीजिये,
.
ताकि वो मेरी बीबी का पीछा करना छोड़ दे..!
.
.
.
.
.
.
.
.
बीवी ने पीछे मुड़कर देखा तो पती दरवाजे की बजाय पलंग के नीचे छुपा हुआ था 😝😝😝😝 ये नया है
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एक महिला घरपरअकेली थी,
तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.!
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उसने जैसे ही दरवाजा खोला
तो एक अनजान आदमी खड़ा था.!
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देखते ही बोला:
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अरे आप तो बहुत ही खूबसूरत हैं..!
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महिला घबरा कर दरवाजा बंद कर देती है.!
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अगले तीन चार दिन तक ऐसा ही चलता रहता है,
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तो सभ्य महिला ने तँग आकर यह बात अपने
पति को बताई..!
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पति बोला: तुम चिंता मत करो,
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आज जब वो आएगा तो
मैं घर पर ही रहुंगा ,
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और दरवाजे के पीछे खड़ा
रहूँगा.!
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तुम उससे बोल देना,
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"हाँ मैं सुन्दर हूँ, तुम्हे क्या.?
.
"फिर मैं उसको देखना कैसा मज़ा चखाता हूँ.!"
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दूसरे दिन जैसे ही वो आदमी आता है,
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पति दरवाजे के पीछे छिप जाता है !
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आदमी बोलता है:
अरे आप तो बेहद खूबसूरत हैं.!
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महिला: हाँ मैं खूबसूरत हूँ,
.
लेकिन तुम चार दिन से क्या चाह रहे हो.?
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आदमी विनम्रता के साथ
हाथ जोड़ कर बोला:
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"बहन जी, यही विश्वास और अहसास आप अपने पति के अंदर जागृत कीजिये,
.
ताकि वो मेरी बीबी का पीछा करना छोड़ दे..!
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बीवी ने पीछे मुड़कर देखा तो पती दरवाजे की बजाय पलंग के नीचे छुपा हुआ था 😝😝😝😝 ये नया है
वैचारिक आँकलन -
*वैचारिक आँकलन -*
एक पुत्र अपने पिता के विषय में उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर क्या विचार रखता है....
*4 वर्ष :* मेरे पापा महान है ।
*6 वर्ष :* मेरे पापा सबकुछ जानते है, वे सबसे होशियार है।।
*10 वर्ष :* मेरे पापा अच्छे है, परन्तु गुस्से वाले है।
*12 वर्ष :* मैं जब छोटा था, तब मेरे पापा मेरे साथ अच्छा व्यवहार करते थे ।
*16 वर्ष :* मेरे पापा वर्तमान समय के साथ नही चलते, सच पूछो तो उनको कुछ भी ज्ञान ही नही है !
*18 वर्ष :* मेरे पापा दिनों दिन चिड़चिड़े और अव्यवहारिक होते जा रहे है।
*20 वर्ष :* ओहो... अब तो पापा के साथ रहना ही असहनीय हो गया है....मालुम नही मम्मी इनके साथ कैसे रह पाती है।
*25 वर्ष :* मेरे पापा हर बात में मेरा विरोध करते है, कौन जाने, कब वो दुनिया को समझ सकेंगे।
*30 वर्ष :* मेरे छोटे बेटे को सम्भालना मुश्किल होता जा रहा है... बचपन में मै अपने पापा से कितना डरता था ?
*40 वर्ष :* मेरे पापा ने मुझे कितने अनुशासन से पाला था, आजकल के लड़को में कोई अनुशासन और शिष्टाचार ही नही है।
*50 वर्ष :* मुझे आश्चर्य होता है, मेरे पापा ने कितनी मुश्किलें झेल कर हम चार भाई-बहनो को बड़ा किया, आजकल तो एक सन्तान को बड़ा करने में ही दम निकल जाता है।
*55 वर्ष :* मेरे पापा कितनी दूरदृष्टि वाले थे, उन्होंने हम सभी भाई-बहनो के लिये कितना व्यवस्थित आयोजन किया था, आज वृद्धावस्था में भी वे संयमपुर्वक जीवन जी सकते है।
*60 वर्ष :* मेरे पापा महान थे, वे जिन्दा रहे तब तक हम सभी का पूरा ख्याल रखा।
सच तो यह है की..... पापा ( पिता ) को अच्छी तरह समझने में पुरे 60 साल लग गये ।
कृपया आप अपने पापा को समझने में इतने वर्ष मत लगाना, समय से पहले समझ जाना।क्योंकि हमारे पिता हमारे बारे में कभी भी गलत विचार नही रखते सिर्फ हमारे विचार उनके प्रति गलत होते है जो हमे समय निकल जाने के बाद अहसास होता है।
अपने पिता का सम्मान करे और उनके विचार का सम्मान करे
एक पुत्र अपने पिता के विषय में उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर क्या विचार रखता है....
*4 वर्ष :* मेरे पापा महान है ।
*6 वर्ष :* मेरे पापा सबकुछ जानते है, वे सबसे होशियार है।।
*10 वर्ष :* मेरे पापा अच्छे है, परन्तु गुस्से वाले है।
*12 वर्ष :* मैं जब छोटा था, तब मेरे पापा मेरे साथ अच्छा व्यवहार करते थे ।
*16 वर्ष :* मेरे पापा वर्तमान समय के साथ नही चलते, सच पूछो तो उनको कुछ भी ज्ञान ही नही है !
*18 वर्ष :* मेरे पापा दिनों दिन चिड़चिड़े और अव्यवहारिक होते जा रहे है।
*20 वर्ष :* ओहो... अब तो पापा के साथ रहना ही असहनीय हो गया है....मालुम नही मम्मी इनके साथ कैसे रह पाती है।
*25 वर्ष :* मेरे पापा हर बात में मेरा विरोध करते है, कौन जाने, कब वो दुनिया को समझ सकेंगे।
*30 वर्ष :* मेरे छोटे बेटे को सम्भालना मुश्किल होता जा रहा है... बचपन में मै अपने पापा से कितना डरता था ?
*40 वर्ष :* मेरे पापा ने मुझे कितने अनुशासन से पाला था, आजकल के लड़को में कोई अनुशासन और शिष्टाचार ही नही है।
*50 वर्ष :* मुझे आश्चर्य होता है, मेरे पापा ने कितनी मुश्किलें झेल कर हम चार भाई-बहनो को बड़ा किया, आजकल तो एक सन्तान को बड़ा करने में ही दम निकल जाता है।
*55 वर्ष :* मेरे पापा कितनी दूरदृष्टि वाले थे, उन्होंने हम सभी भाई-बहनो के लिये कितना व्यवस्थित आयोजन किया था, आज वृद्धावस्था में भी वे संयमपुर्वक जीवन जी सकते है।
*60 वर्ष :* मेरे पापा महान थे, वे जिन्दा रहे तब तक हम सभी का पूरा ख्याल रखा।
सच तो यह है की..... पापा ( पिता ) को अच्छी तरह समझने में पुरे 60 साल लग गये ।
कृपया आप अपने पापा को समझने में इतने वर्ष मत लगाना, समय से पहले समझ जाना।क्योंकि हमारे पिता हमारे बारे में कभी भी गलत विचार नही रखते सिर्फ हमारे विचार उनके प्रति गलत होते है जो हमे समय निकल जाने के बाद अहसास होता है।
अपने पिता का सम्मान करे और उनके विचार का सम्मान करे
भिखारी
एक बहुत अमीर आदमी ने रोड के किनारे एक भिखारी से पूछा.. "तुम भीख क्यूँ मांग रहे हो जबकि तुम तन्दुरुस्त हो...??"
भिखारी ने जवाब दिया... "मेरे पास महीनों से कोई काम नहीं है...
अगर आप मुझे कोई नौकरी दें तो मैं अभी से भीख मांगना छोड़ दूँ"
अमीर मुस्कुराया और कहा.. "मैं तुम्हें कोई नौकरी तो नहीं दे सकता ..
लेकिन मेरे पास इससे भी अच्छा कुछ है...
क्यूँ नहीं तुम मेरे बिज़नस पार्टनर बन जाओ..."
भिखारी को उसके कहे पर यकीन नहीं हुआ...
"ये आप क्या कह रहे हैं क्या ऐसा मुमकिन है...?"
"हाँ मेरे पास एक चावल का प्लांट है.. तुम चावल बाज़ार में सप्लाई करो और जो भी मुनाफ़ा होगा उसे हम महीने के अंत में आपस में बाँट लेंगे.."
भिखारी के आँखों से ख़ुशी के आंसू निकल पड़े...
" आप मेरे लिए जन्नत के फ़रिश्ते बन कर आये हैं मैं किस कदर आपका शुक्रिया अदा करूँ.."
फिर अचानक वो चुप हुआ और कहा.. "हम मुनाफे को कैसे बांटेंगे..?
क्या मैं 20% और आप 80% लेंगे ..या मैं 10% और आप 90% लेंगे..
जो भी हो ...मैं तैयार हूँ और बहुत खुश हूँ..."
अमीर आदमी ने बड़े प्यार से उसके सर पर हाथ रखा ..
"मुझे मुनाफे का केवल 10% चाहिए बाकी 90% तुम्हारा ..ताकि तुम तरक्की कर सको.."
भिखारी अपने घुटने के बल गिर पड़ा.. और रोते हुए बोला...
"आप जैसा कहेंगे मैं वैसा ही करूंगा... मैं आपका बहुत शुक्रगुजार हूँ ...।
और अगले दिन से भिखारी ने काम शुरू कर दिया ..उम्दा चावल और
बाज़ार से सस्ते... और दिन रात की मेहनत से..बहुत जल्द ही उसकी बिक्री
काफी बढ़ गई... रोज ब रोज तरक्की होने लगी....
और फिर वो दिन भी आया जब मुनाफा बांटना था.
और वो 10% भी अब उसे बहुत ज्यादा लग रहा था... उतना उस भिखारी ने कभी सोचा भी नहीं था... अचानक एक शैतानी ख्याल उसके दिमाग में आया...
"दिन रात मेहनत मैंने की है...और उस अमीर आदमी ने कोई भी काम नहीं किया.. सिवाय मुझे अवसर देने की..मैं उसे ये 10% क्यूँ दूँ ...वो इसका
हकदार बिलकुल भी नहीं है..।
और फिर वो अमीर आदमी अपने नियत समय पर मुनाफे में
अपना हिस्सा 10% वसूलने आया और भिखारी ने जवाब दिया
" अभी कुछ हिसाब बाक़ी है, मुझे यहाँ नुकसान हुआ है, लोगों से कर्ज की अदायगी बाक़ी है, ऐसे शक्लें बनाकर उस अमीर आदमी को हिस्सा देने को टालने लगा."
अमीर आदमी ने कहा के "मुझे पता है तुम्हे कितना मुनाफा हुआ है फिर कयुं तुम मेरा हिस्सा देनेसे टाल रहे हो ?"
उस भिखारी ने तुरंत जवाब दिया "तुम इस मुनाफे के हकदार नहीं हो ..क्योंकि सारी मेहनत मैंने की है..."
अब सोचिये...
अगर वो अमीर हम होते और भिखारी से ऐसा जवाब सुनते ..
तो ...हम क्या करते ?
ठीक इसी तरह.........
भगवान ने हमें जिंदगी दी..हाथ- पैर..आँख-कान.. दिमाग दिया..
समझबूझ दी...बोलने को जुबान दी...जज्बात दिए..."
हमें याद रखना चाहिए कि दिन के 24 घंटों में 10% भगवान का हक है....
हमें इसे राज़ी ख़ुशी भगवान के नाम सिमरन में अदा करना चाहिए..और...भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए जिसने हमें जिंदगी दी सुख दिए ।
दांपत्य जीवन की वास्तविकता....
दांपत्य जीवन की
वास्तविकता....
की कुछ मिसाले बताता हु
जरा गौर फरमाइयेगा...!
(1)....
प्रेम यानी...
अजी सुनते हो
से लेकर
बहरे हो गए हो क्या..?
तक का सफ़र.....
(2)....
प्रेम यानी...
यहाँ तो आओ
से लेकर
अब हटो भी जरा...
तक का सफ़र...
(3)....
प्रेम यानी
आप मिले मेरे नसीब,
से लेकर
नसीब फूटे थे जो आप मिले...!
तक का सफ़र...
(4)....
प्रेम यानी
आप रहने दो
से लेकर
महेरबानी करके आप तो
रहने ही दो...!
तक का सफ़र...
(5)....
प्रेम यानी
मान भी जाओ ना,
से लेकर
भाड़ में जाओ
तक का सफ़र....
(6)...
प्रेम यानी
कहाँ गई थी जान,
से लेकर
कहाँ मर गई थी...!
तक का सफ़र....
(7)....
प्रेम यानी
कुछ बात करोना...
से लेकर
अब बाते बनाना बंध करो
तक का सफ़र...
(8)...
प्रेम यानी
तेरे जेसा कोई नहीं...
से लेकर
तेरे जेसे बहोत देखे...!
तक का सफ़र....
(9)....
प्रेम यानी
तुझको ही याद कर रहा था
से लेकर
याद करने के आलावा भी
बहोत काम हे दुनिया में...!
तक का सफ़र...
(10)
प्रेम यानी
एक दूसरे के वास्ते
से लेकर
एक दूसरे के रास्ते..
तक का सफ़र...
कभी खट्टा कभी मीठा,
कभी ऊँचा कभी निचा,
कभी कम कभी ज्यादा,
कभी सुख कभी दुःख,
बस विशवास की डोर
टूटने नहीं देना...
बाकि सब नोंक झोंक
तो दाम्पत्य जीवन के रस है ।
👨पापा – “बेटा, आज
👨पापा – “बेटा, आज
तेरी मम्मी इतनी चुप-चुप क्यों बैठी है ?”
👦बेटा – “मेरी गलती से
👨पापा – “नालायक,
ऐसा क्या किया तूने ?”
👦बेटा – “मम्मी ने लिपस्टिक
मांगी थी … मैंने गलती से ‘फेवीकिक दे
दी !!!”
👨पापा – “जुग-जुग जियो मेरे लाल …
भगवान ऐसा बेटा सबको दे😝😜
______________________________________
पप्पू कार धो रहा था
तभी पास से आण्टी गुजरी आैर पूछा" कार धो रहे हो "...😁😁
" नही पानी दे रहा हूं, शायद बडी होकर बस बन जाए...
*आण्टी बेहोश*😝😝
______________________________________
मैंने ज़िन्दगी में जितना भी सफर
किया है
उससे मुझे एक बात का अनुभव हुआ है
*
*
कि ट्रेन कभी पंचर नहीं होती😂😂😂😂
______________________________________
कितना रोया था वो लड़का महबूबा को मोबाइल गिफ्ट करके...
जब रात 3 बजे तक वो सुनता रहा.. आप के द्वारा डायल नम्बर दूसरी लाइन पर व्यस्त है ✋ 😝 ✋ 😝
______________________________________
लड़का : कल से हम कही और मिलेंगे ।😘
लड़की : 😕क्यों ?
लड़का : बड़े ज़ालिम है तेरी गली के बच्चे..😐
लड़की : क्यों क्या हुआ ?
लड़का : कुत्ते पीछे लगा कर कहते है
"जब प्यार किया तो डरना क्या.. "😃😂😜
पड़ोसन :- कल तुम दिन भर कहाँ थी ?
पुजा :- अरे कल मेरा इंटरव्यू था।
पड़ोसन:- कैसा इंटरव्यू ?
पुजा :- नयी कामवाली बाई रखनी है तो उसने मेरा ईनटरव्यु लिया !
पड़ोसन :- अरे याद आया,,,,
कल मेरा भी इंटरव्यू है।
तेरी वाली बाई ने क्या क्या पूछा?
मेरी तो बिलकुल तैयारी नहीं हो पायी है। बहुत डर लग रहा है।
पुजा :- अब क्या बताऊ.... आजकल हाऊसमेड इंटरव्यू भी बहुत टफ हो गया है।
बहुत मुश्किल से पास हुई हूँ।
पड़ोसन :- हाँ! जल्दी बताओ ना।
पुजा :-बाई ने जो जो पूछा बताती हूँ,,,,,,
1.घर में केबल कनेक्शन है ना?
2. AC है ?
3.वैक्यूम क्लीनर है ?
4.पॉवर बैक अप है ?
5.रिश्तेदारों का ज्यादा आना जाना तो नहीं है ?
शर्ते :-
1.बासी और जूठा खाना देने की कोशिश ना करना।
2.परफ्यूम्ड 'लोइज़ोल' डालने के बाद ही पोछा लगाएगी।
3.काम के बाद आधा घंटा TV देखेगी
4.बर्तन गरम पानी से धोएगी।
5. 'बाई' नहीं बोलने का,
मेरा नाम 'रानी' है वही बोलने का।
6.लेट हो जाए तो मोबाइल पर बारबार फोन नहीं करने का।
7. मेरेकु भी फैमिली है। हर रवीवार छुट्टी ।
8.बारिस होयेगा तो 'रेनीडे' हालीडे हो जायेगा ।
9.दूसरे घर की चुगली सुनना है तो अलग से पैसा लेगी।
10.मै फेसबुक पर है,,, मेरी हर 'पिक' को लाइक करने का ।
पडोसन बेहोशएक पिता ने अपने बेटे को दो-तीन झापड़ रसीद कर दिए,
थोड़ी देर बाद प्यार से सॉरी बोल दिया।
बेटा:
डैड, एक कागज लो, उसे मोड़ो, रोल बनाओ। वापस उस
कागज को खोलो और देखो क्या वह पहले जैसा ही कड़क है
पिता: नहीं
बेटा:
सही कहा, रिश्ते भी ऐसे ही होते हैं। सॉरी से काम नहीं चलता।
पिता:
बेटा बाहर मेरा स्कूटर खड़ा है।
जाओ और उस पर एक किक मारो।
बताओ क्या वह स्टार्ट हुआ।
बेटा: नहीं हुआ।
पिता: अब तीन-चार किक मारो।
बेटा: स्टार्ट हो गया।
पिता:
तू भी वही स्कूटर है, कागज नहीं।
ज्ञान मत दे मुझे!😜
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