Thursday, 5 January 2017
रफ़्तार जिन्दगी की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो गई है
रफ़्तार
जिन्दगी की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो गई है
कुछ उलझनों की गांठें पड़ गई है पांव में
थोडा रुक के खोलनी होगी ये गांठें
शायद तब रफ़्तार पकड़ सके जिन्दगी !!
Wednesday, 4 January 2017
क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द
क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द
क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द
भारतीय समाज में लडकी की परवरिश ऎसे माहौल में होती है कि उसके मन में संभोग को लेकर डर बैठा होता है। पहली बार संभोग से कई तरह के मिथ जुडे हुए हैं। लोगों का ऎसा मनोविज्ञान है कि पहले संभोग के समय में लडकियों को काफी दर्द होता है। इस दौरान ब्लीडिंग को लेकर भी अनेक तरह की भ्रांतियां हमारे समाज में मौजूद हैं। क्या सचमुच पहला संभोग कष्टदायक होता है?
संभोग करने की स्थिति से भी दर्द का कुछ नाता हैक् ऎसे कुछ भ्रम लोगों के मन में अक्सर रहते हैं। कैसे आप इस दर्द से निजात पाकर सेक्स संबंधों का आनंद ले सकते हैं और अपने रिश्तों को सामान्य बना सकते हैं।
आइए जानें क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द?
इससे जुडी बातें सच हं या ये सिर्फ एक मिथ है?
इस दर्द को मेडिकल टर्म में क्या कहते हैंक् संभोग के दौरान होने वाले दर्द को मेडिकल की भाषा में दाईस्पेरेनिया कहते हैं। यह ऎसा दर्द हंै जो एक बार होने पर बार-बार हो सकता है और इस दर्द का असर महिला-पुरूषों के रिश्ते पर बहुत बुरा पडता है।
�क्यों होता है दर्द क वास्तव में पहली बार संभोग के समय महिलाओं को होने वाले दर्द का मुख्य कारण योनि का बहुत ज्यादा टाइट होना है। ऎसा तब होता है जब योनि की मांसपेशियां खिंच जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। ऎसी स्थिति में संभोग के समय महिला को बहुत अधिक दर्द होता है। ऎसा उन �स्त्रयों के साथ होने की संभावना रहती है जो सेक्स संबंधों को बहुत बुरा मानती हैं और संभोग के समय पुरूष के साथ सहयोग नहीं करती। इसका मनोवैज्ञानिक असर ये होता है कि संभोग के समय योनि की मांसपेशिया सिकुड जाती हैं और तेज दर्द होता है।
�योनि में किसी भी तरह का इंफेक्शन भी संभोग के समय दर्द का एक बहुत बडा कारण है। अक्सर योनि के आकार में परिवर्तन हो जाता है जिसे एंड्रियोमेट्रियोसिस कहते हैं। यदि आपको भी संभोग के दौरान दर्द होता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
संभोग के दौरान होने वाले दर्द का एक मनोवैज्ञानिक कारण भी है। लडकियों की परवरिश बचपन से ही इस तरह से की जाती है कि सेक्स को लेकर उनके मन में डर बैठ जाता है। वह सेक्स के नाम से ही घबराने लगती हैं और उन्हें अपनी किशोरावस्था और युवावस्था के दौरान यह भी सुनने को मिलता है कि पहली बार किया गया संभोग बहुत कष्टदायक होता है और इस दौरान खूब ब्लीडिंग भी होती है। लंबे समय तक यह भी माना जाता रहा है कि यदि पहली बार संभोग के दौरान ब्लीडिंग न हो तो लडकी पहले सेक्स कर चुकी है। ये तमाम बातें लडकी के मन में मनोवैज्ञानिक रूप से संभोग के प्रति डर पैदा कर देती है और इस तरह की लडकियों को पहली बार संभोग के दौरान अक्सर दर्द की शिकायत होती है।
� दर्द न हो इसके लिए क्या करना चाहिएक् यदि आप चाहते हैं कि आपको संभोग के दौरान दर्द ना हो तो आपको कुछ सेक्स पोजीशंस का इस्तेमाल पहली बार संभोग के दौरान करना चाहिए और आपको अपने मन से संभोग में होने वाले दर्द व अन्य मिथों को दूर कर देना चाहिए। इन सबके बावजूद भी आपको संभोग के दौरान दर्द से गुजरना पड रहा है तो आप डॉक्टर ही सलाह लें।
क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द
भारतीय समाज में लडकी की परवरिश ऎसे माहौल में होती है कि उसके मन में संभोग को लेकर डर बैठा होता है। पहली बार संभोग से कई तरह के मिथ जुडे हुए हैं। लोगों का ऎसा मनोविज्ञान है कि पहले संभोग के समय में लडकियों को काफी दर्द होता है। इस दौरान ब्लीडिंग को लेकर भी अनेक तरह की भ्रांतियां हमारे समाज में मौजूद हैं। क्या सचमुच पहला संभोग कष्टदायक होता है?
संभोग करने की स्थिति से भी दर्द का कुछ नाता हैक् ऎसे कुछ भ्रम लोगों के मन में अक्सर रहते हैं। कैसे आप इस दर्द से निजात पाकर सेक्स संबंधों का आनंद ले सकते हैं और अपने रिश्तों को सामान्य बना सकते हैं।
आइए जानें क्यों होता है संभोग के दौरान दर्द?
इससे जुडी बातें सच हं या ये सिर्फ एक मिथ है?
इस दर्द को मेडिकल टर्म में क्या कहते हैंक् संभोग के दौरान होने वाले दर्द को मेडिकल की भाषा में दाईस्पेरेनिया कहते हैं। यह ऎसा दर्द हंै जो एक बार होने पर बार-बार हो सकता है और इस दर्द का असर महिला-पुरूषों के रिश्ते पर बहुत बुरा पडता है।
�क्यों होता है दर्द क वास्तव में पहली बार संभोग के समय महिलाओं को होने वाले दर्द का मुख्य कारण योनि का बहुत ज्यादा टाइट होना है। ऎसा तब होता है जब योनि की मांसपेशियां खिंच जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। ऎसी स्थिति में संभोग के समय महिला को बहुत अधिक दर्द होता है। ऎसा उन �स्त्रयों के साथ होने की संभावना रहती है जो सेक्स संबंधों को बहुत बुरा मानती हैं और संभोग के समय पुरूष के साथ सहयोग नहीं करती। इसका मनोवैज्ञानिक असर ये होता है कि संभोग के समय योनि की मांसपेशिया सिकुड जाती हैं और तेज दर्द होता है।
�योनि में किसी भी तरह का इंफेक्शन भी संभोग के समय दर्द का एक बहुत बडा कारण है। अक्सर योनि के आकार में परिवर्तन हो जाता है जिसे एंड्रियोमेट्रियोसिस कहते हैं। यदि आपको भी संभोग के दौरान दर्द होता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
संभोग के दौरान होने वाले दर्द का एक मनोवैज्ञानिक कारण भी है। लडकियों की परवरिश बचपन से ही इस तरह से की जाती है कि सेक्स को लेकर उनके मन में डर बैठ जाता है। वह सेक्स के नाम से ही घबराने लगती हैं और उन्हें अपनी किशोरावस्था और युवावस्था के दौरान यह भी सुनने को मिलता है कि पहली बार किया गया संभोग बहुत कष्टदायक होता है और इस दौरान खूब ब्लीडिंग भी होती है। लंबे समय तक यह भी माना जाता रहा है कि यदि पहली बार संभोग के दौरान ब्लीडिंग न हो तो लडकी पहले सेक्स कर चुकी है। ये तमाम बातें लडकी के मन में मनोवैज्ञानिक रूप से संभोग के प्रति डर पैदा कर देती है और इस तरह की लडकियों को पहली बार संभोग के दौरान अक्सर दर्द की शिकायत होती है।
� दर्द न हो इसके लिए क्या करना चाहिएक् यदि आप चाहते हैं कि आपको संभोग के दौरान दर्द ना हो तो आपको कुछ सेक्स पोजीशंस का इस्तेमाल पहली बार संभोग के दौरान करना चाहिए और आपको अपने मन से संभोग में होने वाले दर्द व अन्य मिथों को दूर कर देना चाहिए। इन सबके बावजूद भी आपको संभोग के दौरान दर्द से गुजरना पड रहा है तो आप डॉक्टर ही सलाह लें।
एक शहर बेगाना सा रहने को मकान ढूँढ़ते है
लोग तो बहुत रहते है हम एक इंसान ढ़ूँढ़ते है
खो गयी है ज़िदगी की मायूसियों मे कहीं जो
खिलखिलाते बचपने में वो मुस्कान ढूँढ़ते है
लोगों की नज़रों मे अजनबीपन देखा है जबसे
लेकर आईना मन का अपनी पहचान ढूँढ़ते है
रेत का घरौंदा समन्दर किनारे बना तो लिया है
अब गुनगुनी हवाओं में भी हम तूफान ढूँढ़ते है
दौड़ मे ज़िदगी की इंसानियत मिलना मुश्किल है
इसलिए इंसान शायद पत्थर मे भगवान ढूँढते है
लोग तो बहुत रहते है हम एक इंसान ढ़ूँढ़ते है
खो गयी है ज़िदगी की मायूसियों मे कहीं जो
खिलखिलाते बचपने में वो मुस्कान ढूँढ़ते है
लोगों की नज़रों मे अजनबीपन देखा है जबसे
लेकर आईना मन का अपनी पहचान ढूँढ़ते है
रेत का घरौंदा समन्दर किनारे बना तो लिया है
अब गुनगुनी हवाओं में भी हम तूफान ढूँढ़ते है
दौड़ मे ज़िदगी की इंसानियत मिलना मुश्किल है
इसलिए इंसान शायद पत्थर मे भगवान ढूँढते है
सुर्ख गुलाब ने शहर भर में हंगामा कर दिया
जुल्फों से उलझाया था,किसी के उंगलियों मे सज गया
मदहोश खुशबू का नशा कोई दिवाना बन गया
राज जो छुपाया था धड़कनो ने आँखों ने सारा कह दिया
जुल्फों से उलझाया था,किसी के उंगलियों मे सज गया
मदहोश खुशबू का नशा कोई दिवाना बन गया
राज जो छुपाया था धड़कनो ने आँखों ने सारा कह दिया
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Sunday, 1 January 2017
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