Monday, 27 August 2018

जिन्दा हूं पर जिन्दगी हि अब मुझसे रूठ गई

जिन्दा हूं पर जिन्दगी हि अब मुझसे रूठ गई
क्या रख्खा है अब इस दुनिया में..,
जब सारे रिश्ते -नाते हि टूट गए....!

पिरोए थे जो मोती मैंने प्यार के धागे में
वो माला हि अब टूट गई..!

कभी बसते थे जो हमारी पलकों में
वहीं आज आँखों में आँसू छोड़ गए...!

खुश रहेना तुम मेरे प्यरो यही दुआ करता हूं,
बस है पास मेरे तुम्हारी याद उसीके सहारे मैं जिन्दा हूं..!

तुम सब बहोत याद आते हो..!

अलविदा 

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